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फोटोशॉप : लेयर तैयार करना
Posted on date:
7/31/2010 11:23:16 AM |
| फोटोशॉप : लेयर तैयार करना
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फोटोशॉप में लेयर एक महत्वपूर्ण फीचर है, लेयर फीचर की सहायता से हम किसी इमेज के एक एलीमेन्ट पर काम कर सकते हैं। और इमेज के अन्य भागों को उससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। जब किसी इमेज में किसी ऑब्जेक्ट की एडिटिंग की जाती है तो इस एडिटिंग से उस ऑब्जेक्ट के आसपास के ऑब्जेक्ट, बैकग्राउंड आदि भी अव्यवस्थित होने लगते हैं, उनके पिक्सेल और आकृतियाँ एडिटिंग से अनावश्यक रूप से प्रभावित हो जाते हैं। फोटोशॉप में लेयर का गुणधर्म इस समस्या को हल करता है। इमेज की कई लेयर बनाकर हम उसके ऑब्जेक्टों का विभाजन कर सकते हैं। जिससे उन पर अलगअलग काम किया जा सके, इससे एक ऑब्जेक्ट पर क्रियान्त्रिवत कमाण्ड, इफेक्ट और प्रक्रिया का दूसरी लेयर के ऑब्जेक्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। बाद में सभी लेयरों को एडजस्ट करके फाइनल इमेज पुनः प्राप्त कर ली जाती है। एडजस्टमेन्ट लेयर और फिल लेयर की सहायता से हम इमेज के टोनल एडजस्टमेन्ट को परिवर्तित कर सकते हैं और यदि हमें इच्छित परिणाम नहीं मिले तो पुनः लेयर की पूर्व स्थिति में जाया जा सकता है। फोटोशॉप सी़एस़ में लेयर कॉम्प्स का नया फीचर भी होता है जिसकी सहायता से हम एक ही फोटोशॉप फाइल में एक ही लेआउट के अनेक वर्जन (संस्करण) बना सकते हैं और उन्हें देखकर व्यवस्थित भी कर सकते हैं।
लेयर
कम्प्यूटर लेयर इमेज की ऐसी परते होती हैं जो एक के उपर एक स्थित की जा सकती हैं और प्रत्येक परत में इमेज के सभी पिक्सेल होते हैं। इमेज में से अलगअलग प्रॉपर्टी वाले पिक्सेल की अलगअलग लेयर भी बनायी जा सकती हैं। फोटोशॉप किसी इमेज की लेयर अथवा लेयरों को उस फाइल के सेव किये मोड के अनुसार स्थित करता है। जब कोई लेयर ट्रांसपेरेन्ट (पारदर्शक) होती है तो इसका अर्थ है कि उसमें कोई इमेज नहीं हैं, ऐसी लेयर के आरपार हम देख सकते हैं। फोटोशॉप या इमेज रेडी में कोई इमेज खोली जाती है या प्लेस की जाती है तो शुरू में उस इमेज की एक ही लेयर होती है। इस बेस लेयर को बैकग्राउण्ड लेयर कहते हैं। बैकग्राउण्ड लेयर की पोजीशन को हम कभी भी बदल नहीं सकते हैं, यह सभी लेयरों के नीचे स्थित रहती है। फोटोशॉप में लेयर्स को एडजस्टमेंट और फिल करने की सुविधा होती है। लेयरों में हम बहुत ही सूक्ष्म और महत्वपूर्ण इफेक्ट लागू कर सकते हैं, इसके लिए मास्क, लेयर क्लिपिंग पाथ और लेयर स्टाइल का प्रयोग किया जाता है। इमेज रेडी सॉफ्टवेयर में हम रोलओवर स्टेट और एनीमेशन के लिए लेयरों का प्रयोग कर सकते हैं। जब अनेक लेयर वाली इमेज को हम फोटोशॉप और इमेज रेडी के मध्य
लाते ले जाते हैं तो सभी लेयर, लेयर मास्क, लेयर क्लिपिंग पाथ, लेयर स्टाइल और लेयर एडजस्टमेन्ट बने रहते हैं। अर्थात फोटोशॉप में बने लेयर सम्बन्धी सभी गुणधर्म इमेज रेडी में भी मिलते हैं।
इसी प्रकार इमेज रेडी से इमेज को फोटोशॉप में लाने पर लेयर उसके सभी प्रभाव बने रहते हैं। यह बात ध्यान देने योग्य है कि एडजस्टमेंट लेयर और फिल लेयर का फीचर केवल फोटोशॉप में ही एप्लाई और एक्टिव किया जा सकता है और इन्हें इमेज रेडी में केवल देखा जा सकता है। फोटोशॉप हमारी कन्टीनुअस लेयरों को फोल्डर में ढंग से व्यवस्थित करने की सुविधा देता है, लेयरों के इन फोल्डरों को लेयर सैट कहते हैं। लेयर सैट भी लेयरों की तरह ही काम करते हैं, इन्हें हम देख सकते हैं, सलेक्ट कर सकते हैं, इनके कॉपी और मूव कर सकते हैं। इसी प्रकार हम लेयर के समान लेयर सैट के भी स्टैक बना सकते हैं और उन्हें किसी क्रम में जमा कर सकते हैं। लेयर सैट में लेयरों को मूव या एड किया जा सकता है, इसके लिए किसी भी लेयर को माउस से ड्रेग करके लेयर सैट फोल्डर में ड्रॉप किया जा सकता है।
लेयर सैट बनाना
लेयरों के समूह बनाने के लिए लेयर सैट का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा लेयर सैट लेयरों को एट्रीब्यूट देने, एक ग्रुप को मास्क लगाने या क्लटर कम करने के लिए ग्रुप समाप्त करने में सहायक होता है। हम ब्लेण्डिंग ऑप्शन को एक सम्पूर्ण सैट पर शीघ्रता से लागू कर सकते हैं, इसके लिए एक एक लेयर को ब्लेण्डिंग ऑप्शन एप्लाई करने की कोई आवश्यकता नहीं है। लेयर सैट की सभी लेयर पहले कम्पोजिट होती है। कम्पोजिट लेयर सैट एक सिंगल इमेज के रूप में व्यवहार करता है और ब्लेण्डिंग के समय शेष इमेज के साथ यह ब्लेंड होता है। इसलिए जब भी हम किसी लेयर सैट के लिए ब्लेडिंग मोड लागू करते हैं तो एडजस्टमेंट लेयर या लेयर ब्लेंड प्रभाव लेयर सैट के बाहर वाली किसी भी लेयर पर लागू नहीं होती है। लेयर बनाने के लिए लेयर पैलेट में न्यू लेयर बटन पर क्लिक करते हैं।
लेयर की विधियाँ
दो या दो से अधिक लेयरों को लिंक करने का लाभ यह है कि हम उन लेयरों के अवयवों (ऑब्जेक्ट) को मूव कर सकते हैं। इसके अलावा लेयर की लिंकिंग से हम नीचे लिखे कार्य कर सकते हैं 1. लिंक्ड लेयर्स के मध्य क्लिपिंग मास्क की कॉपी, पेस्ट
2. लिंक्ड लेयर्स के मध्य क्लिपिंग मास् क
3. लेयर और मास्क को मर्ज करना
4 .लिंक लेयर में ट्रांसफॉमेर्शन एप्लाई करना
5. लिंक लेयर में से क्लिपिंग मास्क तैयार करना
लेयरों को लिंक करने के लिए निम्नलिखत विधि का प्रयोग करते हैं
1. बसे पहले किसी इमेज को खोलते हैं और उसमें एक या अनेक लेयर बना लेते हैं।
2. अब किसी एक लेयर या लेयर सैट को सलेक्ट करते हैं, इसके लिए लेयर पैलेट में माउस से क्लिक करते है।
3. इसके बाद जिस लेयर को इस सलेक्टेड लेयर से हम लिंक करना चाहते हैं लेयर पैलेट में उस लेयर के बाईं ओर वाले कॉलम में क्लिक करते हैं। इससे एक लिंक आइकन इस कॉलम में दिखाई देने लगता है। फोटोशॉप में लेयर मेन्यू या लेयर पैलेट के कॉन्टेस्ट मेन्यू की सहायता से सभी लिंक्ड लेयरों को डिलीट कर सकते हैं। इस कमाण्ड से हिडिन लेयर भी डिलीट हो जाती हैं, हिडिन लेयर वह होती हैं जिनके सामने आईबॉल ऑफ रहता है।
लिंक्ड लेयर के समूह को एलाइन लिंक्ड या डिस्ट्रीब्यूटेड लिंक्ड कमाण्ड की सहायता से अलाइन और डिस्ट्रीब्यूट किया जा सकता है। इन कमाण्ड्स के सब मेन्यू में से हम ऑप्शन चुन सकते हैं, ये ऑप्शन निम्न प्रकार होते हैं
Top Edges :
सब मेन्यू का यह ऑप्शन लिंक्ड लेयर के सबसे ऊपरी पिक्सेल को एक्टिव लेयर के सबसे ऊपरी पिक्सेल के ऊपर अलाइन कर देता है। यह ऑप्शन लिंक्ड लेयर के सबसे ऊपरी पिक्सेल को सलेक्शन बॉर्डर के सबसे ऊपरी एज के ऊपर अलाइन भी करता है।
Vertical Centers : यह ऑप्शन लिंक्ड लेयर के सबसे ऊध्वार्धर केन्दर के पिक्सेल को एक्टिव लेयर के वर्टिकल सेन्टरमोस्ट पिक्सेल के प्रति अलाइन करता है।
Bottom Edges : यह ऑप्शन लिंक्ड लेयर के सबसे निचले पिक्सेल को एक्टिव लेयर या सलेक्शन बॉर्डर के सबसे निचले एज के प्रति अलाइन करता है।

Left Edges : यह लिंक्ड लेयर के सबसे बाएं पिक्सेल को एक्टिव लेयर के सबसे बाएं पिक्सेल या सलेक्शन बॉर्डर के सबसे बाएं एज के प्रति अलाइन करता है।
Horizontal Centers : यह लिंक्ड लेयर के हॉरीजोन्टल सेन्टरमोस्ट पिक्सेल को एक्टिव लेयर के हॉरीजॉटल सेन्टरमोस्ट पिक्सेल या सलेक्शन बॉर्डर के हॉरीजॉन्टल सेन्टर के प्रति अलाइन करता है।
किसी लिंक्ड लेयर को अनलिंक करने के लिए लेयर पैलेट में लिंक आइकन पर क्लिक करते हैं।
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